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टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ कà¥à¤¯à¤¾ होता है?
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸ आपके गले के पीछे मौजूद टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² का संकà¥à¤°à¤®à¤£ है। यह à¤à¤• सामानà¥à¤¯ बीमारी है जो बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ से लेकर किशोरों और वयसà¥à¤•ों में हो सकती है। आपके टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² फिलà¥à¤Ÿà¤° के रूप में कारà¥à¤¯ करते हैं और कीटाणà¥à¤“ं को आपके वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करने से रोकते हैं। ये कीटाणॠअगर वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— में पहà¥à¤‚च जाà¤à¤‚ तो संकà¥à¤°à¤®à¤£ का कारण बन सकते हैं। टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² संकà¥à¤°à¤®à¤£ से लड़ने के लिठà¤à¤‚टीबॉडी à¤à¥€ बनाते हैं। लेकिन कà¤à¥€-कà¤à¥€, वे बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ या वायरस की चपेट में आ जाते हैं और उनमें सूजन हो सकती है।
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के पà¥à¤°à¤•ार (tonsils Ke Prakaar)
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ तीन पà¥à¤°à¤•ार के होते हैं:
à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚ट टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸
इसके लकà¥à¤·à¤£ आमतौर पर 3 या 4 दिनों तक चलते हैं लेकिन 2 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक à¤à¥€ बने रह सकते हैं।
रिकरेंट टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸
यह तब होता है जब आपको साल में कई बार टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ होता रहता है ।
कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• टांसिलाइटिस
यह तब होता है जब आपको लंबे समय तक टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² का संकà¥à¤°à¤®à¤£ होता है।
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² होने के लकà¥à¤·à¤£ (tonsils Ke Lakshad)
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸ के मà¥à¤–à¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² में सूजन होती है।हालांकि कà¤à¥€-कà¤à¥€ यह इतना गंà¤à¥€à¤° होता है कि आपके मà¥à¤‚ह से सांस लेना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है। अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में शामिल हैं:
गले में तेज़ दरà¥à¤¦
बà¥à¤–ार
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² में लाली
आपके टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² पर सफेद या पीले रंग की परत
आपके गले में दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• छाले
सिरदरà¥à¤¦
à¤à¥‚ख में कमी
कान का दरà¥à¤¦
निगलने में परेशानी
आपकी गरà¥à¤¦à¤¨ या जबड़े में सूजी हà¥à¤ˆ गà¥à¤°à¤‚थियां
बà¥à¤–ार और ठंड लगना
बदबूदार सांस
करà¥à¤•श या दबी हà¥à¤ˆ आवाज
गरà¥à¤¦à¤¨ में अकड़न
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£
पेट की ख़राबी
उलà¥à¤Ÿà¥€
पेट दरà¥à¤¦
राल आना
खाने या निगलने की इचà¥à¤›à¤¾ नहीं होना
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² होने के कारण (tonsils Hone Ke Kaaran)
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸ के कारण और जोखिम कारक
बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² और वायरल संकà¥à¤°à¤®à¤£ टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸ का कारण बनते हैं। à¤à¤• सामानà¥à¤¯ कारण सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¥‹à¤•ोकस (सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤ª) बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है, जो सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤ª थà¥à¤°à¥‹à¤Ÿ का कारण à¤à¥€ बन सकता है। अनà¥à¤¯ सामानà¥à¤¯ कारणों में शामिल हैं:
à¤à¤¡à¥‡à¤¨à¥‹à¤µà¤¾à¤¯à¤°à¤¸
इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा वायरस
à¤à¤ªà¤¸à¥à¤Ÿà¥€à¤¨ बार वायरस
पैराइनà¥à¤«à¥à¤²à¥à¤à¤‚जा वायरस
à¤à¤‚टरोवायरस
दाद सिंपà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ विषाणà¥
कà¥à¤› चीजें आपको टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸ होने के अधिक जोखिम में डाल सकती हैं:
उमà¥à¤°
वयसà¥à¤•ों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ अधिक होता है। 5 से 15 वरà¥à¤· की आयॠके बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में जीवाणॠसंकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक होती है। वायरल संकà¥à¤°à¤®à¤£ से होने वाले टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸ बहà¥à¤¤ छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में अधिक आम हैं। बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— वयसà¥à¤•ों में à¤à¥€ टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ होने का खतरा अधिक होता है।
रोगाणॠका जोखिम
बचà¥à¤šà¥‡ सà¥à¤•ूल अपनी उमà¥à¤° के अनà¥à¤¯ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ à¤à¥€ अधिक समय बिताते हैं जिससे वे आसानी से संकà¥à¤°à¤®à¤£ के शिकार हो जाते हैं। वयसà¥à¤• जो छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के आसपास अधिक समय बिताते हैं उनमें à¤à¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने और टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸ होने की अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ हो सकती है।
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के दौरान आपका खान-पान (Aapki Diet Tonsils ke Dooran)
शामिल किठजाने वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥
गरà¥à¤® तरल पदारà¥à¤¥ लें
गरà¥à¤® पानी, चाय, हरà¥à¤¬à¤² चाय, सूप आदि जैसे गरà¥à¤® तरल पदारà¥à¤¥ गले को राहत देते हैं। नियमित रूप से गरà¥à¤® पेय पदारà¥à¤¥ पीने से सूजन को कम करने और रिकवरी में तेजी लाने में मदद मिलती है।
मसाले / जड़ी बूटी
हमारे आसपास मौजूद बहà¥à¤¤ से जड़ी-बूटियां और मसाले रोगों के उपचार और à¤à¤‚टी इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं।इनके उपयोग से सूजन में कमी सकती है और रिकवरी में तेजी आ सकती है। टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸ से राहत पाने के लिठअदरक, हलà¥à¤¦à¥€, सेज, लहसà¥à¤¨, पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¤¾ और मà¥à¤²à¥‡à¤ ी जैसे मसालों का उपयोग काढ़े में करें।
ओटमील
फाइबर, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, जिंक और à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट से à¤à¤°à¤ªà¥‚र ओटमील à¤à¤• बेहतरीन à¤à¥‹à¤œà¤¨ है जो सिसà¥à¤Ÿà¤® से विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को खतà¥à¤® करने और सूजन को कम करने में मदद करती है। इसके अलावा, ओटà¥à¤¸ को पकाठजाने पर ये नरम होते हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ निगलने में समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं होती है।
दही
दही पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वसा और कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ का à¤à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¤¾à¤²à¥€ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है जो पाचन तंतà¥à¤° की रकà¥à¤·à¤¾ के लिठजाना जाता है और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को बढ़ाता है। यह नरम और खाने में आसान है, जबकि पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र यह à¤à¥‹à¤œà¤¨ सिसà¥à¤Ÿà¤® को पोषण देता है और टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸ को पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से ठीक करता है।
शहद
यह पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक सà¥à¤µà¥€à¤Ÿà¤¨à¤° शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ और à¤à¤‚टी-वायरल गà¥à¤£à¥‹à¤‚ के साथ आता है जो सिसà¥à¤Ÿà¤® को रोगजनक पैदा करने वाले संकà¥à¤°à¤®à¤£ से बचाने में मदद करता है। शहद, अदरक की चाय या शहद और हलà¥à¤¦à¥€ के अरà¥à¤• का सेवन करने से टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸ से राहत मिलती है।
अंडे
अंडे पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, आयरन, जिंक, सेलेनियम, विटामिन बी12 और डी से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं जो शरीर को सूजन से लड़ने के लिठपोषण पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते हैं। ये नरम और खाने में आसान होते हैं और उपचार पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को तेज करते हैं।
पकी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
पकी हà¥à¤ˆ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤ जैसे आलू, कदà¥à¤¦à¥‚, गाजर और शकरकंद खाने में आसान और मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® होते हैं । इसके अलावा, ये खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ आवशà¥à¤¯à¤• पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¥‡ होते हैं, जो टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸ से राहत पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते हैं।
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² होने पर इन चीजों से करें परहेज (tonsils hone par en cheezo se kare parhez)
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ में सूखे और कठोर खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करना कठिन हो सकता है और इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ निगलना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है जिससे गले में दरà¥à¤¦ होता है।
तले हà¥à¤ और जंक फूड जैसे चिपà¥à¤¸, पकोड़े, समोसे आदि से बचना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनसे टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² में जलन हो सकती है।
मसालेदार à¤à¥‹à¤œà¤¨ नहीं खाना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये सूजन बढ़ा सकते हैं और गले में जलन पैदा कर सकते हैं।
शराब और कारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ पेय से बचना चाहिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये पेय गले में तेज दरà¥à¤¦ और जलन पैदा कर सकते हैं।
टमाटर के सेवन से बचें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें ऑकà¥à¤¸à¤¾à¤²à¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक होती है और यह ततà¥à¤µ टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² में जलन और लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को बढ़ाने के लिठजाना जाता है
संतरे और नींबू जैसे खटà¥à¤Ÿà¥‡ फल अमà¥à¤²à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤•ृति के होते हैं, जो गले पर बहà¥à¤¤ कठोर हो सकते हैं और टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² को परेशान कर सकते हैं।
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² होने पर कà¥à¤¯à¤¾ करे (tonsils Hone par kya kare)
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ होने पर à¤à¤°à¤ªà¥‚र आराम करें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें थकान और कमज़ोरी महसूस हो सकती है।
गरà¥à¤® पेय पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करते रहें
खà¥à¤¦ को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ रखें
डॉकà¥à¤Ÿà¤° की बताई दवा नियमित रूप से लें
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² होने पर कà¥à¤¯à¤¾ ना करे (tonsils hone par kya Na Kare)
à¤à¥€à¤¡à¤¼à¤à¤¾à¤¡à¤¼ वाली जगह, सà¥à¤•ूल, दफà¥à¤¤à¤° जाने से बचें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आप दूसरों को à¤à¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ कर सकते हैं।
शराब सिगरेट का सेवन ना करें।
कठोर और मसालेदार चीज़ों का सेवन ना करें।
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² को घर पर ठीक कैसे करे (Home Remedy for tonsils treatment in Hindi)
गरà¥à¤® तरल पदारà¥à¤¥ का à¤à¤°à¤ªà¥‚र सेवन
गरà¥à¤® तरल पदारà¥à¤¥, जैसे सूप, गले की खराश को दूर करने में मदद कर सकते हैं।
सूप, शोरबा और चाय सहित गरà¥à¤® तरल पदारà¥à¤¥ पीने से गले में खराश को शांत करने में मदद मिल सकती है। शहद, पेकà¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ या गà¥à¤²à¤¿à¤¸à¤°à¥€à¤¨ जैसी सामगà¥à¤°à¥€ वाली हरà¥à¤¬à¤² चाय मदद कर सकती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये ततà¥à¤µ मà¥à¤‚ह और गले में शà¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤®à¤¾ à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ पर à¤à¤• सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• परत बनाते हैं, जो जलन को शांत कर सकती है।
ठंडा खाना खाना
जमे हà¥à¤ दही या आइसकà¥à¤°à¥€à¤® जैसे ठंडे, नरम खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ खाने से गला सà¥à¤¨à¥à¤¨ हो सकता है, जिससे असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ रूप से दरà¥à¤¦ से राहत मिलती है।इसके अलावा आप पॉपà¥à¤¸à¤¿à¤•लà¥à¤¸ , ठंडी सà¥à¤®à¥‚दी , ठंडा पानी à¤à¥€ पी सकते हैं।
कठोर à¤à¥‹à¤œà¤¨ से परहेज
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸ वाले लोगों के लिà¤, कठोर या तीखा à¤à¥‹à¤œà¤¨ करना असहज और दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• à¤à¥€ हो सकता है। आपका गला संवेदनशील सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में है à¤à¤¸à¥‡ में कठोर खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ गले को खरोंच सकते हैं जिससे जलन और सूजन हो सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में चिपà¥à¤¸, सूखा अनाज, कचà¥à¤šà¥€ गाजर, कचà¥à¤šà¥‡ सेब इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ से परहेज़ करें।
नमक के पानी से गरारे करना
नमक के पानी से गरारे करने से गले के पिछले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ या खराश कà¥à¤› समय के लिठशांत हो सकती है। इसके लिठà¤à¤• गिलास गरà¥à¤® पानी में à¤à¤• चौथाई चमà¥à¤®à¤š नमक मिलाकर मिशà¥à¤°à¤£ बना लें । फिर कà¥à¤› सेकंड के लिठइस पानी को गले में रककर गरारे कर सकते हैं। जितनी बार आवशà¥à¤¯à¤• हो पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को दोहराना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है ।
कमरे में हà¥à¤¯à¥‚मिडिटी बढ़ाà¤à¤‚
शà¥à¤·à¥à¤• हवा गले में खराश को और बढ़ा सकती है। टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ वाले लोगों को कूल मिसà¥à¤Ÿ हà¥à¤¯à¥‚मिडिफायर का उपयोग करने से लाठहो सकता है। ये उपकरण नमी को वापस हवा में छोड़ते हैं, जिससे गले की परेशानी को कम करने में मदद मिलती है। हानिकारक मोलà¥à¤¡ और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के विकास को रोकने के लिठरोजाना हà¥à¤¯à¥‚मिडिफायर साफ करना चाहिà¤à¥¤à¤œà¤¿à¤¨à¤•े पास हà¥à¤¯à¥‚मिडिफायर नहीं है, वे गरà¥à¤® सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ या à¤à¤¾à¤ª लेने की कोशिश कर सकते हैं।
चिलà¥à¤²à¤¾à¤•र या तेज़ आवाज में बात ना करें
गले में सूजन के कारण आवाज दब सकती है। तेज़ आवाज में बात करने से गले में जलन का खतरा और बढ़ जाता है। यदि बोलना कषà¥à¤Ÿà¤¦à¤¾à¤¯à¤• हो तो वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को जितना हो सके वाणी को आराम देने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करना चाहिà¤à¥¤
à¤à¤°à¤ªà¥‚र आराम करना
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ से पीड़ित लोगों को जितना हो सके आराम करना चाहिà¤à¥¤ आराम करने से शरीर को वायरल या बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² संकà¥à¤°à¤®à¤£ से लड़ने में मदद मिलेगी। म या सà¥à¤•ूल जाना जारी रखने से न केवल किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के लंबे समय तक बीमार रहने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है, बलà¥à¤•ि इससे दूसरों को à¤à¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने का खतरा हो सकता है।
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² के इलाज (tonsils Ke Ilaaj)
दवाओं के माधà¥à¤¯à¤® से
यदि आपके परीकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का पता चलता है, तो आपको à¤à¤‚टीबायोटिक दवाà¤à¤‚ दी जाà¤à¤‚गी। आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको ये दवाà¤à¤‚ इंजेकà¥à¤¶à¤¨ या गोलियों के रूप में में दे सकते हैं जिसे आपको नियमित रूप से लेना है । à¤à¤¸à¤¾ करने से आप 2 या 3 दिनों के à¤à¥€à¤¤à¤° बेहतर महसूस करना शà¥à¤°à¥‚ कर देंगे।
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ सरà¥à¤œà¤°à¥€à¤Ÿà¥‰à¤¨à¥à¤¸à¤¿à¤² आपकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ का à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हिसà¥à¤¸à¤¾ हैं, इसलिठआपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ठीक करने की पूरी कोशिश करेंगे। लेकिन अगर आपका टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ वापस आता रहता है या दूर नहीं होता है, या फिर सूजे हà¥à¤ टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² आपके लिठसांस लेना या खाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल कर देते हैं, तो आपको अपने टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² को बाहर निकालने की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है। इस सरà¥à¤œà¤°à¥€ को टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ कहा जाता है।
पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ समय में टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ à¤à¤• बहà¥à¤¤ ही सामानà¥à¤¯ उपचार हà¥à¤† करता था। लेकिन अब डॉकà¥à¤Ÿà¤° इसकी सलाह तà¤à¥€ देते हैं जब टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ बार-बार हो रहा हो। आमतौर पर, आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² को बाहर निकालने के लिठà¤à¤• नà¥à¤•ीले उपकरण का उपयोग करता है जिसे सà¥à¤•ेलपेल कहा जाता है। लेकिन इसके लिठअनà¥à¤¯ विकलà¥à¤ª à¤à¥€ उपलबà¥à¤§ हैं, जिनमें बढ़े हà¥à¤ टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² को हटाने के लिठलेजर, रेडियो तरंगें, अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‹à¤¨à¤¿à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ या इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•ॉटरी शामिल हैं।
इस सरà¥à¤œà¤°à¥€ के दौरान रोगी को जनरल à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥€à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ दी जाती है।इसके बाद सरà¥à¤œà¤¨ रोगी के टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² को हटा देंगे। टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ करने के लिठसरà¥à¤œà¤¨ कई तरीकों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करते हैं, जिनमें शामिल हैं:
इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•ॉटरी: इस विधि में टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² को हटाने और किसी à¤à¥€ रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ को रोकने के लिठतेज़ गरà¥à¤®à¥€ (हीट) का उपयोग किया जाता है ।कोलà¥à¤¡ नाइफ(सà¥à¤Ÿà¥€à¤²) डिसेकà¥à¤¶à¤¨: इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में सरà¥à¤œà¤¨ आपके टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² को हटाने के लिठà¤à¤• सà¥à¤•ेलपेल (पारंपरिक सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल चाकू) का उपयोग करता है। फिर, वे इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•ॉटरी (अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• गरà¥à¤®à¥€) या टांके के साथ रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ को रोक देते हैं।
सà¥à¤¨à¥‡à¤¯à¤° टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€: इसमें सरà¥à¤œà¤¨ à¤à¤• विशेष सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल उपकरण का उपयोग करतां हैं जिसे सà¥à¤¨à¥‡à¤¯à¤° कहा जाता है।इस उपकरण के अंत में à¤à¤• पतली वायर लूप होती है। à¤à¤• बार जब आपका सरà¥à¤œà¤¨ आपके टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² को निकाल देता है, तो वे इसे बंद करने के लिठइस उपकरण को उस जगह के चारों ओर रखते हैं। यह रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ को कम करने में मदद करता है।
हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤•ेलपेल: यह विधि आपके टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² को हटाने और à¤à¤• ही समय में रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ को रोकने के लिठअलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‹à¤¨à¤¿à¤• वाइबà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का उपयोग करती है।
अनà¥à¤¯ तरीकों में रेडियोफà¥à¤°à¥€à¤•à¥à¤µà¥‡à¤‚सी à¤à¤¬à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ तकनीक, कारà¥à¤¬à¤¨ डाइऑकà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ लेजर, माइकà¥à¤°à¥‹à¤¡à¥‡à¤¬à¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¡à¤° का उपयोग शामिल है।
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मामलों में, टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ को पूरा होने में लगà¤à¤— 20 से 30 मिनट लगते हैं। कà¥à¤› मामलों में इसमें अधिक समय लग सकता है।टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ à¤à¤• आउट पेशेंट पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है, जिसका अरà¥à¤¥ है कि आपको असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में रहने की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं होगी। आप सरà¥à¤œà¤°à¥€ के कà¥à¤› घंटे बाद घर जा सकते हैं। रिकवरी में आमतौर पर 7 से 10 दिन लगते हैं। सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद à¤à¤• से दो सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक गले में मधà¥à¤¯à¤® से गंà¤à¥€à¤° दरà¥à¤¦ हो सकता है। कान, गरà¥à¤¦à¤¨ या जबड़े में दरà¥à¤¦ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रहती है। कà¥à¤› दिनों तक जी मिचलाना और उलà¥à¤Ÿà¥€ होने की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है।कà¥à¤› लोगों को कई दिनों तक हलà¥à¤•ा बà¥à¤–ार रहता है।इसके अलावा लगà¤à¤— दो सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक सांसों में दà¥à¤°à¥à¤—ंध, जीठया गले में सूजन और गले में कà¥à¤› फंसा हà¥à¤† महसूस होता है।
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² के इलाज की लागत (tonsils ke Ilaaj ka Kharcha)
à¤à¤¾à¤°à¤¤ में टानà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की सरà¥à¤œà¤°à¥€ में करीब 40,000 रà¥à¤ªà¤ से 150,000 रà¥à¤ªà¤ तक का खरà¥à¤š आ सकता है।
निषà¥à¤•रà¥à¤·
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² आपके गले के पिछले à¤à¤¾à¤— में होते हैं जो कीटाणà¥à¤“ं को आपके वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ से रोकते हैं। पर कई बार ये खà¥à¤¦ ही संकà¥à¤°à¤®à¤£ की चपेट में आ जाते हैं। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में इनमें सूजन और लाली आ सकती है।
रोगी को गले में तेज़ दरà¥à¤¦,निगलने में कठिनाà¤,बà¥à¤–ार,दसà¥à¤¤ और कई अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ हो सकते हैं। कई बार लकà¥à¤·à¤£ इतने हमà¥à¤à¥€à¤° होते ही कि रोगी को सांस लेने में परेशानी होने लगती है। इसका इलाज दवाओं से किय़ा जाता है।पर अगर ये à¤à¤• साल में कई बार होते रहें तो सरà¥à¤œà¤°à¥€ की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है।
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